फर्जी डॉक्टर पर आखिर किसकी मेहरबानी? मिलीभगत, संरक्षण या सिस्टम की चुप्पी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर फर्जी डॉक्टर मोहन मलिक पर बार-बार शिकायतों और गंभीर आरोपों के बावजूद सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं, या फिर आरोपी को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है?
क्षेत्रीय जनता अब मांग कर रही है कि फर्जी इलाज के जरिए वर्षों में अर्जित कथित संपत्ति की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में कब ठोस कदम उठाता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग जागेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली चचोर









