“गरीबों के निवाले पर डाका? चचोर पीडीएस राशन दुकान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, महिला के नाम की दुकान पर पुरुषों का संचालन सवालों के घेरे में”चचोर। चचोर की पीडीएस राशन दुकान एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित बनी हुई है। शासन द्वारा गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के लिए भेजा जाने वाला गेहूं और चावल समय पर लोगों तक नहीं पहुंच रहा, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। आरोप है कि मार्च माह से राशन वितरण में लगातार अनियमितताएं बनी हुई हैं और जुलाई माह के अंतिम दिन तक भी अनेक पात्र हितग्राही अपने राशन से वंचित रहे।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब उचित मूल्य की दुकान महिलाओं के नाम से संचालित है, तो उसका संचालन पुरुषों द्वारा किस नियम और किस आदेश के तहत किया जा रहा है? लोगों का कहना है कि यदि संचालन में परिवर्तन किया गया है, तो उसका अधिकृत आदेश सार्वजनिक किया जाए।ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी बिना स्पष्ट आदेश के एक संस्था से जुड़े व्यक्ति को दुकान संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि उसी अवधि में सबसे अधिक अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आईं। जिससे यह अंदेशा होता है कि उच्च अधिकारियों की मिली भगत से भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है बाद में व्यवस्था बदलकर किसी अन्य व्यक्ति को राशन वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि अब भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और वितरण प्रक्रिया पर सवाल लगातार बने हुए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि पात्र परिवारों को समय पर राशन नहीं मिलेगा, तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित अभिलेखों और वितरण रजिस्टर की जांच हो तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में इतने लंबे समय से यह व्यवस्था चल रही है? शिकायतों के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती, तो गरीब हितग्राहियों का भरोसा शासन-प्रशासन पर कैसे कायम रहेगा? चचोर की जनता अब जवाब और कार्रवाई दोनों का इंतजार कर रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट,,, दशरथ माली चचोर










