भोपाल/रामपुरा। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे समान नागरिक संहिता यानी UCC का विरोध करते हुए कहा है कि कांग्रेस सिद्धांत रूप में समानता के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके से UCC को लाया जा रहा है उस पर गंभीर आपत्तियां हैं।`
MP कांग्रेस UCC का विरोध इन 5 कारणों से कर रही है
- सहमति नहीं, थोपा जा रहा`* – UCC जैसे संवेदनशील कानून को लागू करने से पहले सभी धर्मों, आदिवासी समाजों, महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा जरूरी है। बिना सहमति के इसे थोपा जा रहा है।
- आदिवासी समाज पर खतरा`* – MP में 21% आबादी आदिवासी है। उनके रीति-रिवाज, जमीन और विवाह के कानून अलग हैं। संविधान की 5वीं और 6ठी अनुसूची उन्हें सुरक्षा देती है। UCC से उनके अधिकार छिनने का डर है।
- चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा`* – कांग्रेस का आरोप है कि सरकार UCC को चुनाव से पहले ध्रुवीकरण के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, न कि सामाजिक सुधार के लिए।
- ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं`* – 3 साल से बात हो रही है, लेकिन सरकार ने आज तक UCC का ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं किया। बिना ड्राफ्ट देखे समर्थन कैसे करें?
- महिला अधिकारों की आड़ में भेदभाव`* – कांग्रेस कहती है कि अगर महिला सशक्तिकरण ही मकसद है तो पहले मौजूदा कानूनों में महिलाओं को बराबर का हक दिया जाए।
MP कांग्रेस का साफ कहना है – “हम एक देश, एक कानून के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन कानून ऐसा हो जो संविधान, विविधता और सामाजिक ताने-बाने को तोड़े नहीं, जोड़े।”`इस पूरे मामले को लेकर जब हमने लोकेंद्र सिंह चंद्रावत से पूछा तो उन्होंने क्या कहा यह सुनते हैं









