रामपुरा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली रिंगवाल इस बार की बारिश में खतरे में है। रिंगवाल पर बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं, सड़क धंस गई है और सुरक्षा के लिए लगे पत्थर भी नदी में समा चुके हैं।
सवाल ये है कि क्या प्रशासन समय रहते इसकी सुध लेगा या फिर बारिश के बाद ही जागेगा?
रामपुरा शहर को बाढ़ से बचाने के लिए बनी रिंगवाल को ही शहर की सुरक्षा कवच माना जाता है। लेकिन आज इसकी हालत सबसे ज्यादा जर्जर है।
रिंगवाल के ऊपर जगह-जगह बड़े-बड़े पेड़ और झाड़ियां उग आई हैं। इन पेड़ों की जड़ें रिंगवाल की दीवार को अंदर से खोखला कर रही हैं।
ऊपर बनाई गई सड़क भी कई जगहों से नीचे बैठ चुकी है। सड़क पर बारिश का पानी जमा हो रहा है और वही पानी सीधे रिंगवाल के अंदर उतर रहा है। इससे रिंगवाल की नींव कमजोर हो रही है।
सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के लिए जो पत्थर की सुरक्षा दीवार बनाई थी, वहां के पत्थर टूटकर नदी में गिर चुकी है। कहीं भी सफाई या मरम्मत का काम नजर नहीं आ रहा।
अब सबसे बड़ा सवाल… क्या मानसून से पहले रिंगवाल का निरीक्षण और मरम्मत होगी? या फिर हर साल की तरह इस बार भी बारिश के बाद ही जांच के नाम पर खानापूर्ति होगी? अगर रिंगवाल को कुछ हुआ तो पूरे रामपुरा शहर पर खतरा मंडरा जाएगा।
प्रशासन से उम्मीद है कि वो लाइफलाइन कहे जाने वाली इस रिंगवाल को बचाने के लिए जल्द कदम उठाए।









