रामपुरा। गर्मी के दिनों में रामपुरा क्षेत्र में “मेंटेनेंस” के नाम पर घंटों बिजली कटौती हो रही है। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि कटौती के बाद भी उपभोक्ताओं के बिल में कोई कमी नहीं आ रही।`
वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी द्वारा बिना सूचना के कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। इससे आम जनता और व्यापारी दोनों परेशान हैं।`
क्या कहता है कानून?
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 56 के अनुसार बिजली कंपनी मनमर्जी से कनेक्शन नहीं काट सकती। बिल बकाया होने पर भी 15 दिन का लिखित नोटिस देना अनिवार्य है। बिना नोटिस कनेक्शन काटना गैरकानूनी है।`
बिजली काटने के 3 जरूरी नियम:
- 15 दिन का लिखित नोटिस जरूरी
बिल जमा न होने पर कंपनी को नोटिस देना होगा। उसमें बकाया राशि और आखिरी तारीख लिखी होनी चाहिए। - बकाया की सीमा तय है
* शहर में आमतौर पर ₹5000 और गांव में ₹20000 से ज्यादा बकाया होने पर ही कार्रवाई होती है। छोटी राशि पर लाइन नहीं काट सकते। - कब तुरंत काट सकते हैं?
* सिर्फ मीटर से छेड़छाड़, बिजली चोरी या सुरक्षा खतरे की स्थिति में बिना नोटिस कनेक्शन काटा जा सकता है।
अगर आपके साथ ऐसा हो तो क्या करें
अगर आपका कनेक्शन बिना 15 दिन के नोटिस के काटा गया है तो तुरंत इसकी शिकायत अपने क्षेत्रीय विद्युत कार्यालय, उपभोक्ता फोरम या विद्युत लोकपाल से करें। नियम तोड़ने पर कंपनी पर जुर्माना भी लग सकता है।`









