मंदसौर जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीव अपराधियों में हड़कंप मच गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएफओ संजय रायखेरे ने बताया कि पुलिस थाना नाहरगढ़ से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम तत्काल ग्राम बेटीखेड़ी, तहसील सीतामऊ पहुंची। यहां ग्रामीणों ने दो व्यक्तियों को राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था।वन विभाग ने मौके से एक मृत मोर तथा शिकार में प्रयुक्त गिलोल बरामद कर जब्त की। जांच के दौरान आरोपी करण पिता कैलाश बांचड़ा (18 वर्ष) एवं प्रकाश पिता मनोहर बांचड़ा (39 वर्ष), निवासी छोटी बेटीखेड़ी को हिरासत में लेकर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां माननीय न्यायालय ने आरोपी प्रकाश बांचड़ा को जिला जेल भेजने तथा आरोपी करण बांचड़ा को 13 जून 2026 तक बाल सुधार गृह रतलाम में निरुद्ध करने के आदेश दिए हैं। मामले में वन विभाग द्वारा विस्तृत विवेचना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।उल्लेखनीय है कि भारतीय मोर (Pavo cristatus) भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में विशेष संरक्षण प्राप्त है। इस संरक्षित पक्षी के शिकार या उससे जुड़े अपराध पर 3 से 7 वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।
ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली








