घटना नीमच जिले के रामपुरा की,,, पानी की प्याऊ की मांग उठाना पड़ा भारी, पत्रकार को बनाया निशाना!एक ओर जहां पत्रकार जनता की समस्याओं को उठाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का कार्य करता है, वहीं दूसरी ओर एक पत्रकार को अपनी आवाज उठाने की कीमत रोजगार खोकर चुकानी पड़ रही है।बताया जा रहा है कि पत्रकार अजीमुल्ला खान ने आमजन की सुविधा के लिए पानी की टंकी एवं प्याऊ की मांग उठाई थी। आरोप है कि इसके बाद सत्ता के नशे में चूर जिम्मेदार अधिकारियों ने अतिक्रमण की कार्रवाई के नाम पर उनकी गुमटी को निशाना बना दिया, जिससे उनका रोजगार छिन गया।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्षेत्र में अन्य अतिक्रमण जस के तस बने हुए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल पत्रकार की गुमटी पर ही क्यों हुई? वह भी रोड किनारे बने अतिक्रमण के दोनों सिरों पर नहीं बल्कि बीचो-बीच पड़ी घूमती को बनाया निशाना.. इससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।अब पत्रकार अजीमुल्ला खान ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि जनता की आवाज उठाना यदि अपराध है, तो यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक विषय है।

ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली








