नीमच जिले के मनासा जनपद के गांव बरलाई क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा चलाई जा रही सिंचाई पाइपलाइन योजना अब किसानों के लिए परेशानी और नुकसान का कारण बनती नजर आ रही है। किसानों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने का कार्य कर रही कंपनी और ठेकेदारों द्वारा मनमानी करते हुए खेतों को तहस-नहस किया जा रहा है तथा किसानों की निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार सिंचाई पाइपलाइन डालने का टेंडर वी टी एल कंपनी, जो गुप्ता कंपनी से संबंधित बताई जा रही है,. किसानों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों और ठेकेदारों द्वारा कार्य के दौरान सावधानी नहीं बरती जा रही, जिससे किसानों की जमीन और कृषि संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।किसान रामदयाल जी पाटीदार जब कई दिनों बाद अपने खेत पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। खेत में पाइपलाइन डालने के दौरान ठेकेदार द्वारा खेत की स्थिति पूरी तरह बिगाड़ दी गई थी। खेत में लगा वाटर पंप तोड़ दिया गया, बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त कर दी गई तथा अन्य कृषि सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया गया। किसानों के अनुसार लगभग 40 से 50 हजार रुपए तक का नुकसान हुआ है।इतना ही नहीं, पाइपलाइन डालने के बाद खेतों की लेवलिंग भी नहीं की जा रही है, जिससे किसानों को खेती करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि बिना जिम्मेदारी के कार्य किया जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में अन्य किसानों को भी इसी प्रकार की समस्याओं और नुकसान का सामना करना पड़ेगा।किसान ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि हुए नुकसान का उचित मुआवजा तुरंत दिलाया जाए तथा संबंधित कंपनी और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पाइपलाइन कार्य के बाद खेतों की सही तरीके से मरम्मत और लेवलिंग सुनिश्चित की जाए।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन किसानों की इस पीड़ा को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल बरलाई क्षेत्र के किसान में भारी आक्रोश और दुख का माहौल बना हुआ है।
ब्यूरो,,दशरथ माली चचोर















