भानपुरा- स्वर्गीय विजय कुमार भंडारी जैसा शिक्षा शास्त्री युगों के बाद जन्म लेता है। उन्होंने नगर व क्षेत्र के कई होनहार विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने एवं पर्यावरण के क्षेत्र में सैकड़ो की तादाद में नीम लगाकर इस क्षेत्र को संवारने का जो पुनीत कार्य किया है उसका कोई सानी नहीं है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भानपुरा नगर के गौरव को बढ़ाने में समर्पित किया है। श्रीमती कमला सकलेचा ज्ञान मंदिर के माध्यम से उन्होंने हजारों- हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारकर देश एवं विदेश तक श्रेष्ठ पदों पर असीन करवाया है इसको यह नगर कभी भूल नहीं सकता। इस विद्यालय के संस्थापक शरद सकलेचा एवं सह संस्थापक स्वर्गीय विजय कुमार भंडारी के उत्कृष्ट योगदान को आज की पीढ़ी को हमेशा याद रखना चाहिए। उपरोक्त विचार श्रीमती कमला सकलेचा ज्ञान मंदिर के प्रांगण में स्वर्गीय विजय कुमार भंडारी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर फूल माला अर्पित करते हुए उनके विद्यार्थी एवं सहकर्मी रहे राम नारायण चौहान व राधेश्याम टेलर ने मुख्य एवं विशेष अतिथि के रूप में बोलते हुए व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने स्व.भंडारी पर लिखी एक रचना भी सुनाई जिसका उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने करतल ध्वनिताली के साथ स्वागत किया। स्व. भंडारी को बैंड के साथ पुष्प चक्र अर्पित करके खेल शिक्षक ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालय के पीआरओ अशोक व्यास ने अतिथियों का परिचय तथा प्राचार्य डॉक्टर अर्चना सिंह ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का विद्यालय में पधारने पर आभार व्यक्त किया। विद्यालय के संस्थापक शरद सकलेचा, चेयरपर्सन नीति मोदी, सचिव प्रतिभा सकलेचा, जैन श्वेतांबर ग्रुप के राष्ट्रीय चेयरमेन एवं पत्रकार अनिल नाहर, पत्रकार लालचंद रूद्रवाल सहित कई वरिष्ठ नागरिकों शिक्षाविदों ने भी स्वर्गीय भंडारी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
स्वर्गीय विजय कुमार भंडारी के योगदान को यह क्षेत्र कभी भूल नहीं सकता -चौहान
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