मामले की जानकारी मिलने के बाद अनु विभागअधिकारी द्वारा जांच के बाद चौकीदार के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया है. यह मामला रामपुरा तहसील कार्यालयराजस्व क्षेत्र का है.
साल 2014 में रामपुर क्षेत्र के तलाऊ के वीरान गांव मान्याखेड़ी गांव चौकीदार के पद पर नियुक्ति हुई थी. नियुक्ति के दौरान लखन बैरागी की तरफ से जमा किए गए दस्तावेज प्रमाण पत्र की जांच की गई थी, जिसमें प्रमाण पत्र फर्जी निकला. इसके बाद चौकीदार लखन बैरागी निवासी बारवड़िया को बर्खास्त कर दिया गया.
वही मजेदार बात यह भी है की सेवा से बर्खास्त होने के बाद भी बर्खास्त चौकीदार लखन बैरागी तहसील कार्यालय रामपुरा में अनावृत अपनी सेवाएं दे रहा है जबकि ऐसे व्यक्ति के खिलाफ स्थानीय अधिकारियों के द्वारा फर्जी दस्तावेज को देखते हुए कठोर कार्रवाई करना थी जबकि वह वर्तमान में तहसील कार्यालय रामपुरा महत्वपूर्ण बाबू के पद पर कार्यरत है इससे ऐसा प्रतीत होता है की तहसीलदार रामपुरा खुले तौर पर अनुविभागीय अधिकारी के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं जबकि एक अदनासा बाबू जोकि चौकीदार है वह प्रशासन को चुनौती दे रहा है
सेवा समाप्ति के बाद भी इस प्रकार तहसील कार्यालय में सेवा अनावृत जारी होना कहीं ना कहीं बड़े भ्रष्टाचार का संकेत है
वहीं अगर जांच की जाए तो अन्य कहीं चौकीदार नियुक्तियां जमीन रजिस्ट्री सहित बड़े तोर पर भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं क्षेत्र के लोगों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर ऐसे भ्रष्ट चौकीदार को तत्काल बाबू के पद से हटाने की मांग की है और फर्जी दस्तावेज के कारण प्राप्त नौकरी के कार्यकाल की वसूली की भी मांग की है क्षेत्र के लोगों ने जल्दी ही भोपाल जाकर जिले की प्रभारी मंत्री को इस संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराने की बात कही है










