पंचायतो का एक और गेम चेंजर मनरेगा की की छांव में पनप रहा भ्रष्टाचार का खेल।जिम्मेदारों की बल्ले बल्ले

By अजिमुल्ला खान

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मध्य प्रदेश के नीमच जिले में इस वक्त पंचायतो में मनरेगा के तहत विकास कार्य इस तरह प्रगति पर हैं कि मस्टर पर मस्टर लगाए जा रहे और धरातल पर विकास गायब।।आखिर विकास क्यों नहीं दिखाई दे रहे ।जब धरातल पर वास्तविक हकीकत जानते हैं तो मनरेगा की छांव में पल रहे हैं बड़े-बड़े ठेकेदार जो जेसीबी और बड़े-बड़े क्रशर मिक्सर वाले ठेकेदारों की बल्ले बल्ले हो रही और मनरेगा में किसी को कोई मजदूरी नहीं मिल रही सिर्फ नॉमिनेट और बड़े-बड़े लोग ओर पंचायत में रोजगार सहायको के परिवार या अपने परिचितों के मनरेगा में मस्टर लगाकर राशि निकाली जा रही है। समय पर जिन लोगों के मस्टर लगाए जा रहे हैं उनको सिर्फ फोटो अरेंज कर रहे हैं।और मजदूर आज भी आस लगाकर बैठा है पर मजदूर को मजदूरी नहीं मिल रही। मजदूरी की आड़ में ठेकेदारों की हो रही बल्ले बल्ले ।। मनासा जनपद सीईओ क्यों नहीं दे रहे रामपुरा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र की पंचायतो की ओर अपना ध्यान। इन पंचायत का एक बार पड़ताल कर। सही जांच होनी चाहिए।। पचायतो में मनरेगा के नाम पर हो रहा बड़ा खेल।। सूत्र बताते हैं कि फर्जी फर्मो के बिल भी लगाए जा रहे।। जहां मनरेगा में मजदूरों के नाम से निकल जा रही राशि का लुफ्त उठा रहे बड़े-बड़े ठेकेदार ।। सरपंच सचिव और रोजगार सहायक इंजीनियर और ठेकेदार मिलकर कर रहे हैं भारी भ्रष्टाचार। सभी के बीच बट रही है बिरयानी।। आम जनता को नहीं मिल रहा कोई रोजगार।। मनरेगा की आड़ में हो रहा बड़ा खेल।। जिला जनपद सीईओ अमन वैष्णव ग्रामीण क्षेत्र का कब करेंगे रूख।। कब लगेगी भ्रष्टाचार पर रोक कब मिलेगा नरेगा के तहत वास्तविक गरीबों को रोजगार।। कुछ पंचायतो में तो इस तरह भ्रष्टाचार हो रहा है कि एक ही व्यक्ति को पुराने तालाब पर राशि निकालकर नया बातकर राशि हड़पी जा रही है। पुराने तालाबों को डाइवर्ट कर रही पंचायत और और सभी के बीच बट रही बिरयानी।पुरानी तालाबों को कहीं-कहीं तो एक नहीं दो नहीं तीन-तीन बार पास कर राशि निकाली जा रही।।और उन्हें पुराने तालाबों को नए तालाब बता दिए गए।। यही पंचायत की हकीकत है ।आखिर कब होगा जिला जनपद सीईओ का रामपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतो का रुख और कब करेंगे हकीकत जायज़ा।। और ऐसी पंचायते भी आज जीवित हैं जहां पिछले 3 साल से सिर्फ 10 प्रतिशत विकास हुआ है 90% विकास गायब है।। सिर्फ फाइलों में जिंदा ग्राम पंचायत का विकास और हकीकत कुछ और ही बयां कर रही अगर सही से सत्यापन हो तो दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने होगा आखिर कब होगा ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम पंचायत का शुद्धिकरण कब लेंगे जिम्मेदार इस और अपना ध्यान,, जिम्मेदार अधिकारी मुख्य दर्शन।। लगता है जिम्मेदार भी हो सकते हैं हिस्सेदार,,

ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली चचोर,,

अज्जीमुला खान/दशरथ माली

9179319989/7582066951

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