राशन वितरक अपनी हरकतों से नहीं आ रहे बाज। उन दुकानों के लाइसेंस होने चाहिए निरस्त,, आम जनता को मिले राहत।।
नीमच जिले के रामपुरा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र की भ्रष्टाचार की कई घटनाएं पिछली बार देखने को मिली। अधिकारियों ने दुकानों पर अनियमितताएं पाने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही। इस बार भी यह वही दुकाने हैं। जिन पर पिछली बार कार्रवाई के नाम पर लीपा पोती की गई थी। क्या इस बार होगी कठोर कार्रवाई। ऐसे दुकानदारों के होंगे लाइसेंस निरस्त।। पिछले घाव भरे भी नहीं थे कि नवंबर माह में किया गया घोटाला बिना पर्ची के गेहूं चावल वितरण किए गए। कई दुकानदारों ने तो ओटीपी के माध्यम से ही गेहूं वितरण दर्शा दिए। यह सारी घटनाएं रामपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाली छोटी-छोटी संस्थानों में बनी टीडीएस राशन दुकानों पर लगभग ऐसा ही हो रहा है। अब नवंबर माह नामचीन दुकानों पर 90% राशन वितरण हुआ है बाकी 18 से 20 दुकान ऐसी पाई गई जहां पर 70% से कम राशन वितरण हुआ है ।आखिर क्यों। सब दुकानदारों की लापरवाही।जिससे भोली भाली जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता हैं। कभी-कभी तो माह के 15 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी कुछ दुकानदार तो अपनी दुकानों के दरवाजे तक नहीं खोलते हैं।।कारण भ्रष्टाचार सभी अधिकारियों की मिलीभगत से दुकानदारों के हौसले बुलंद होते हैं। रामपुरा तहसील की तीन दुकानों पर भ्रष्टाचार में अनियमितताई पाए जाने के बाद भी आज तक नहीं हुई कोई कार्रवाई। और फिर दोहरा दिया वही एपिसोड जहां 70% से कम वितरण की लिस्ट में आए। रामपुरा की जांच के घेरे में आई यह दुकानें,,,,हतुनिया, सोनडी,अरनिया ढाणी,राजपुरा, भदाना, देवरान, चंद्रपुरा, लसुड़िया।।बेठी जांच कमेटी,, रामपुरा तहसील मे ये करेंगे जांच,,तहसीलदार रामपुरा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मनासा, मौजा पटवारी व संबंधित ग्राम पंचायत सचिव करेंगे जांच।। पिछली बार अनियमितताएं पाए जाने वाली तीनों दुकाने फिर आई जांच के घेरे में क्या गिरेगी गाज इन दुकानों पर या फिर लीपा पोती होगी कार्रवाई।।क्या होगा इसका खुलासा । पिछली बार भ्रष्टाचार में पाई गई लिप्त दुकानदारों पर आज तक नहीं हुईं कोई कार्रवाई। सभी की मिली भगत से उन दुकानदारों को दिखाए गए क्लीन चिट।। तीन माह राशन वितरण घोटाला में पाई गई दुकाने जो इस बार भी लिप्त है। बिना पर्ची के आम जनता को राशन वितरण ।। क्या गरीब लाचार जनता शासन की ओर से मिलने वाले 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल का इंतजार राशन वितरक के मन माफिक इंतजार करते है।। बिना पर्ची के राशन वितरण मैं करते हैं घोटाला। करते हैं तानाशाही रवैया बिना पर्ची के ही करते हैं राशन वितरण सख्त आदेश के बाद भी करते हैं दुकानदार मनमानी।। बिना पर्ची और ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण में करते है घोटाला।। आम जनता ऐसे भ्रष्टाचारी दुकानदारों से तंग आ चुकी है। ऐसे दुकानदारों के ऊपर करवाई कर दंडित किया जाना चाहिए । चचोर क्षेत्र के आसपास बनी लगभग 8 से 10 उचित मूल्य की दुकाने जहां होता है घोटाला, संदेह के घेरे में 8 से 10 समूह के अंतर्गत बनी राशन वितरण दुकानें घोटाले की यह फेहरिस्त में नंबर वन बनती जा रही।। चचोर क्षेत्र के आसपास बनी दुकाने। ।सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि आसपास की छोटी संस्थानों में बनी राशन वितरण की दुकानों से गेहूं चावल की भी होती हैं कालाबाजारी।। चचोर बना कालाबाजारी का अड्डा कई खरीददारों के घर पर बने गोदाम पर पर देखे जा सकते हैं।। पीडीएस के चावल,।। नवंबर माह में राशन वितरण 70% से कम वितरण हुई दुकानों पर जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने के बाद क्या होगी बड़ी कार्रवाई या फिर सिर्फ लीपापोती की जाएगी। , इन दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर किसी अन्य दुकानदार को जिम्मेदारी दी जाए वह भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले दुकानदारों के ऊपर कठोर कार्रवाई होना चाहिए।।

।चचोर से दशरथ माली की यह विशेष रिपोर्ट,,














