आज 16 अक्टूबर सोमवार दीपावली नजदीक समूह सस्ता के अंतर्गत बनी दुकानों की दबंगई के आगे जनता नतमस्तक नहीं हो रहा नियम अनुसार राशन वितरण
नीमच जिले के रामपुरा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र की भ्रष्टाचार की कई घटनाएं पिछली बार का घाव भर भी नहीं था कि सितंबर माह में भी किया गया कई घोटाला बिना पर्ची के गेहूं चावल वितरण किए गए कई दुकानदारों ने तो ओटीपी के माध्यम से ही गेहूं वितरण दर्शा दिए गए यह सारी घटनाएं रामपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाली छोटी-छोटी संस्थानों में बनी पीडीएस राशन दुकानों पर लगभग ऐसा ही हो रहा है। अब नवंबर माह की लगभग 16 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी किसी दुकानदार ने ही अपने दरवाजे खोले हैं।कारण भ्रष्टाचार सभी अधिकारियों की मिलीभगत से दुकानदारों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जीसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भी संदेह के घेरे में दिखाई दे रहे।आखिर क्यों नहीं हुई भ्रष्टाचार में अनियमित पाए जाने के बाद भी उन 3 दोषी दुकानदारों पर आज तक कोई कार्रवाई। भ्रष्टाचार ने इतने बड़े पर पसार रखे है कि दोषी दुकानदारों को दी गई क्लीन चिट। भ्रष्टाचारी दुकानदारों के हौसले और हुए बुलद। जिन दुकानों पर कार्रवाई हुई थी। उन दुकानों के लाइसेंस रद्द कर। जनता को राहत देना चहिए।। जिला कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने के बाद क्लीन चिट।3 माह राशन में भारी भ्रष्टाचार के बावजूद भी उनको क्लीन चिट दी गई। और आम जनता को गुमराह किया गया। तत्पश्चात कई सख्त आदेश के बाद भी सितंबर माह का राशन वितरण में भी कई दुकानदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और बिना पर्ची के आम जनता को राशन वितरण किया गया। अक्टूबर माह के 16 दिन बीत जाने के बाद भी समूह सस्ता के अंतर्गत बनी छोटी-छोटी दुकानो में किसी किसी ने ही अभी तक अपने ताले खोले हैं।जनता के बीच त्राहि माम कब मिलेगा अक्टूबर का राशन। क्या गरीब लाचार जनता शासन की ओर से मिलने वाले 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल का इंतजार राशन वितरक के मन माफिक इंतजार करेंगे। या फिर लेंगे कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जितेंद्र नागर कोई एक्शन।। बिना पर्ची के राशन वितरण में हो रहा महा घोटाला। क्या सभी दुकानदारों को देंगे आदेश । राशन वितरण के समय जनता को पर्ची दी जाए क्योंकि बिना पर्ची के हो रहा महा घोटाला। ओटीपी के माध्यम से कर रहे हैं राशन वितरण में घोटाला। एक तरफ त्योहारों का सीजन दूसरी तरफ समूह सस्ता की दुकानों की मनमानी नहीं हो रहा नियम अनुसार राशन वितरण। आम जनता के बीच मची हुई है त्राहिमाम तंग आ चुकी है आम जनता ऐसे भ्रष्टाचारी दुकानदारों से कभी किसी अधिकारी से बात करवाते हैं। तब जाकर अपनी कुंभ करनी नींद से जागते हैं और राशन देते हैं। मतलब अधिकारियों की मिली भगत।।सही से जांच पड़ताल की जाए तो चचोर क्षेत्र के आसपास बनी लगभग 8 से 10 राशन वितरण दुकानों में हो रहा भारी घोटाला, संदेह के घेरे में 8 से 10 समूह के अंतर्गत बनी राशन वितरण दुकान घोटाले की यह फेहरिस्त में नंबर वन बनती जा रही।। चचोर क्षेत्र के आसपास बनी दुकाने। इन दुकानों को राशन वितरण के समय जांच अधिकारी अपने जांच के घेरे में लेकर राशन वितरण करवाये तब जाकर दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने होगा ।सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि आसपास की छोटी संस्थानों में बनी राशन वितरण की दुकानों से गेहूं चावल की हो रही कालाबाजारी।। चचोर बना कालाबाजारी का अड्डा कई व्यापारियों के घर गोदाम तक हो रहे हैं सप्लाई घर पर बने गोदाम पर पर देखे जा सकते हैं। पीडीएस के चावल, सबसे अहम बात आदेशों की उड़ा रहे हैं धजिया जिन दुकानदारों ने अपने ताले खोले हे वह भी बिना पर्ची कर रहे हैं राशन वितरण,,,
,चचोर से दशरथ माली की यह विशेष रिपोर्ट,,











