नीमच जिले के रामपुरा तहसील में आम रास्ता हो या नेशनल हाईवे हो अंग्रेजी बाबुल की झाड़ियां का आतंक इस कदर पसार चुका है कि किसी भी रास्ते पर दिखाई देंगे यह पेड़ और दुर्घटना का दिन पर दिन कारण बनते जा रहे हैं। चचोर से मनासा रोड पर इस कदर अंग्रेजी बाबुल ने अपना आतंक पसार रखा है कि दोनों तरफ कुछ भी नहीं दिखाई देता है सिर्फ झाड़ियां ही झाड़ियां और इस रास्ते पर इतने अंधे मोड़ है की रात्रि में आए दिन दुर्घटनाएं घटित होती रहती है किसी भी सड़क, आम रास्ते, मुख्यमंत्री किसान खेत सड़क योजना, सुदूर सड़क योजना या चाहे बैलगाड़ियों के रास्ते ही क्यों ना हो, हर रास्तों के आसपास अंग्रेजी बंबुल की झाड़ियां गहरा रही है, इन रास्तों और सड़कों पर अंधे मोड होने की वजह से सामने से आते हुए वाहन नजर नहीं आते, और दुर्घटना हो जाती है। इसमें कई लोग अपना हाथ पैर तुड़वा बैठते हैं या अपनी जान गंवा देते हैं। परंतु ना तो संबंधित विभाग और शासन, प्रशासन इस विषय में ध्यान देते हैं और न ही इस विषय में आम जनता ध्यान देती है। जिन रास्तों के आसपास एवं किसानों के खेतों के आसपास यह बम्बुल होते हैं, वह ना तो स्वयं इसे काटते हैं और न ही दूसरों को काटने दिया जाता है!! मानो यह अंग्रेजी बंबूल अब चंदन के पेड़ ही बन गए हैं!! इनकी वजह से लगातार दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। आम जनता एवं किसानों को चाहिए कि अपने खेतों के आसपास से गुजर रहे रास्ते पर यदि यह जंगली झाड़ियां और बम्बुल गहरा रहे हों तो इन्हें आवश्यक रूप से काटकर साफ करें, ताकि आने जाने का रास्ता सुगम हो सके और लोग अपनी जान गंवाने से बच सके।।
ब्यूरो रिपोर्ट,,, दशरथ माली चचोर

अज़ीमुल्ला खान/दशरथ माली
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