पत्रकार को प्याऊ की जंग मांगना पड़ा महंगा अतिक्रमण की आड़ में पत्रकार के रोजगार को बनाया निशाना नगर परिषद ने तोड़ी गुमटी रामपुरा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद रामपुरा ने 29/4/2026 को कलेक्टर शहरी विकास एवं सड़क सुरक्षा के तहत आयोजित बैठक का हवाला देखकर नीमच गांधी सागर रोड़ पर स्थित गुमटीयो को तीन दिवस में हटाने का सूचना पत्र जारी किया था लेकिन तीन दिवस में किसी भी गुमटी व्यवसाय ने गुमटीया नहीं हटाई 4 मई को नगर परिषद के द्वारा अपने सूचना पत्र पर अतिक्रमण हटाने की नौटंकी का प्रदर्शन करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाया नगर के एक अल्पसंख्यक पत्रकार अजीमुल्ला खान कि गुमटी को हटाने कि कार्यवाही की गई जब अजीमुल्ला की गुमटी हटाई जाने के बाद सभी गुमटी व्यवसाययों एवं नगर परिषद से जुड़े जनप्रतिनिधियों की बैठक संपन्न हुई और गुमटी व्यवसाईयों से मासिक किराया बढ़ाने की बात पर अतिक्रमण मुहिम को विराम दे दिया अब सवाल यह खड़ा होता है नीमच गांधी सागर रोड़ जहाँ पर गुमटीयां रखी हुई है उस भूमिका स्वामित्व किसका है जल संसाधन विभाग यह भुमि अपनी बताता है वहीं दूसरी और लोक निर्माण विभाग की इस भूमि को अपनी बताता है और दूसरी नगर परिषद से जुड़े लोगों ने इन तमाम गुमटियों को अवैधानिक रखाकर नगर पंचायत से एनओसी दिला कर विद्युत विभाग से विद्युत कनेक्शन दिला दिए हैं फिर नगर पंचायत ही इन गुमटियों को अवैधानिक बताकर सड़क सुरक्षा के नाम पर जिला प्रशासन का उल्लेख कर इन गुमटियों को हटाने पहुंची एक अल्पसंख्यक पत्रकार की गुमटी हटाने की नौटंकी की गई और फिर किराया बढाया जाने की बात पर नगर पंचायत और गुमटी व्यवसाय में आपसी सहमति हो गई सबसे आश्चर्यजनक और गौरतलब तथ्य यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने शपथ ग्रहण के तत्काल प्रशात प्रशासन को निर्देश दिए थे और सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि खुले में कोई भी मांसाहारी वस्तु कि बिक्री नहीं होगी और जहां ऐसा हो रहा है वहा तत्काल रोक लगा कर दुकान हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन यहां तो नगर पंचायत और प्रशासन की जानकारी में ही खुले में मटन चिकन मछली बिक्री हो रही है और यही नहीं अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी करने के बाद किराया बढ़ाने के नाम पर नगर पंचायत 15 00 सो रुपए ले रही है और गुमटी व्यवसाय के बीच समझौते हो रहे हैं इस प्रकार मुख्यमंत्री जी के आदेशों और निर्देशों का भी खुला उल्लंघन यहां देखने को मिल रहा हैरामपुर नगर परिषद साधारण गोमटी वालों से ₹1000 महीना बाजार बैठक ले रही है और मांस मछली की दुकान वालों से ₹1500 बाजार बैठक ले रही है गुमटी व्यवसाय 65 से 50 दुकानदारों से ले रही है सवाल यह होता है रामपुर शहर में हर जगह अतिक्रमण है तो फिर इन लोगों से बाजार बैठक के नाम पर इतनी राशि क्यों ली जा रही है
ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली









