रामपुरा,,,,शासन की योजना अनुसार प्रति माह गरीबों को राशन वितरण समूह के अंतर्गत बनी हुई दुकान व शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर वितरण किया जाता है जैसे ही कोई आदेश होता है कि आम जनता को कोई दिक्कत ना हो आमजन को दो माह या तीन माह का राशन एक साथ दिया जाए ऐसी कोई जिले द्वारा या शासन द्वारा घोषणा होती है तो समझो कि दुकानदारों के भाग्य खुल जाते हैं ग्रामीण क्षेत्र की कई छोटी बड़ी दुकानों पर भ्रष्टाचार फल फूलने लगता है गरीब और भोली भाली जनता को यह पता नहीं होता है कि राशन दो माह का दे रहे हैं या एक माह का वह सिर्फ प्रिंट लगाकर अपने कोटे का राशन लेकर निकल जाते हैं और उनको यह पता नहीं होता है कि मेरी प्रिंट एक बार या दो बार ली गई है इसके उनको जानकारी नहीं होती है और कहीं दुकानदार तो इतने शातिर होते हैं की otp के माध्यम से ही अपना कोटा पूरा कर लेते हैं, और उनको एक माह का राशन देकर इति श्री कर देते हैं उनको यह पता नहीं होता है कि उनके साथ धोखा हो रहा है ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में भारी भरकम दुकानदारों द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है, कहीं दुकानों पर तो दो माह का राशन नियमित रूप से दिया गया है और कोई दुकान ऐसी है जो भारी भरकम भ्रष्टाचार कर अपने भाग्य के दरवाजे खोलकर बैठी हैं 15 अप्रैल से पहले राशन वितरण करना था पर आज तक अप्रैल माह का राशन वितरण नही हुआ!! पर जिनको राशन नहीं दिया गया है! अब उनका कौन जिम्मेदार राशन की दुकानों पर हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए और आम जनता के साथ न्याय होना चाहिए कई दुकानों पर ओटीपी के माध्यम से ही राशन वितरण दर्शाया गया है जबकि ऐसा नहीं हुआ है मात्र एक माह के राशन में ही इतिश्री की गई है जिला आपूर्ति एवं कनिष्ठ अधिकारी जितेंद्र नागर को इस और ध्यान देकर ग्रामीण क्षेत्र की राशन वितरण दुकानों पर जांच जांच करना चाहिए और इस तरह के भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलना चाहिए, पहले भी तीन माह वितरण प्रणाली में दो से तीन दुकानों पर कार्रवाई की गई थी कार्यवाही में भी जिला कनिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई थी और वह भी ठंडा बस्ती में चली गई और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई!!ऐसा ही इस बार भी लगभग हो रहा है ऐसे दुकानदारों की दुकानों को ब्लैक लिस्ट कर किसी अन्य दुकानदारों को राशन वितरण प्रणाली की जिम्मेदारी मिलना चाहिए यह सब राशन वितरण घोटाला रामपुरा तहसील के अंतर्गत लगने वाले गांधी सागर जलाशय के नजदीक बसें ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों पर फल फूल रहा है, मुख्य उचित मूल्य की दुकाने व आसपास लगी हुई समस्त दुकानों की, जिले में बैठे अधिकारी अगर अपनी जिम्मेदारी से जांच करते हैं तो दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने होगा, पहले भ्रष्टाचार में लिफ्त पाई गई तीन दुकानों पर कार्रवाई का बुलबुला तक बाहर नहीं आया यानी भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुकी जांचे,अप्रैल माह में दुकानों पर लगी मशीन की स्टॉक की और आम जनता से पूछताछ कर जांच होनी चाहिए ,, तब जनता के साथ न्याय होगा ,, अप्रैल माह में जो राशन वितरण होगा वह अप्रैल का नहीं बल्कि मई और जून यानी अगले दो माह का दिया जाएगा अप्रैल माह का कोटा 15 तारीख से बंद हो चुका है,, और कहीं दुकानों पर अप्रैल माह का राशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है,,जांच के लिए दुकान भमेंसर देवरान बंदड़ा चचोर अरनिया ढाणी राजपुरा पालडा कराडीया बरलाई इन दुकानों पर आम लोगों से जांच कर नियमित दो माह का राशन वितरण हुआ या नहीं जांच होनी चाहिए, दोषी पाए जाने पर दुकानदार के ऊपर कठोर से कठोर कार्रवाई होना चाहिए
ब्यूरो रिपोर्ट,, दशरथ माली चचोर









