तेलंगाना का वो एक सीक्रेट… और कांग्रेस उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव से बाहर!
नई दिल्ली/भोपाल: राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस उम्मीदवार और कद्दावर नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर के इस फैसले के बाद कांग्रेस खेमे में जहां सन्नाटा पसर गया है, वहीं बीजेपी इसे अपनी एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत मान रही है।
क्या है पूरा माजरा? क्यों कटा पत्ता?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर बेहद गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। बीजेपी का आरोप था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में चल रहे आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई है, जो कि चुनाव आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
बीजेपी की दलील: “कोई भी उम्मीदवार अपने ऊपर चल रहे मुकदमों को छिपाकर देश के उच्च सदन का रुख नहीं कर सकता। कांग्रेस ने जानबूझकर इस तथ्य को छुपाया।
रिटर्निंग ऑफिसर की अदालत में हाई-वोल्टेज ड्रामा
शिकायत मिलने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज करने की मांग की, लेकिन कागजी सबूतों और कानूनी बारीकियों के सामने कांग्रेस की एक न चली।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी की आपत्ति को सही माना और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को निरस्त (Reject) कर दिया। इस फैसले के साथ ही नटराजन अब राज्यसभा चुनाव की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई हैं।
अब आगे क्या:-
कांग्रेस के लिए बड़ा सेटबैक:
चुनाव ऐन वक्त पर उम्मीदवार का पर्चा खारिज होना कांग्रेस के लिए एक बड़ा रणनीतिक और राजनीतिक नुकसान है।
कोर्ट का रुख कर सकती है कांग्रेस:
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत या चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है।
बीजेपी हमलावर: बीजेपी इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस पर ‘दागी चेहरों को बढ़ावा देने’ और ‘सच्चाई छिपाने’ का आरोप लगाकर चौतरफा हमला बोल रही है।








